Ranji Trophy: मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, 23 साल बाद रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची टीम

 
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भोपाल: मध्य प्रदेश की टीम ने रणजी ट्रॉफी 2021-22 के फाइनल में जगह बना ली है।  कर्नाटक के अलूर में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने बंगाल को 174 रनों से हरा दिया।  एमपी ने 1998-99 सीजन के बाद पहली बार फाइनल में जगह बनाई है। उस सीजन में चंद्रकांत पंडित की कप्तानी में एमपी की टीम उपविजेता रही थी।  चंद्रकांत पंडित वर्तमान में मध्य प्रदेश के मुख्य कोच हैं। फाइनल मैच में मध्य प्रदेश का सामना मुंबई से होगा। यूपी के खिलाफ पहली पारी की बढ़त के दम पर मुंबई ने फाइनल में जगह बनाई है।

चौथी पारी में बंगाल को जीत के लिए 350 रनों की जरूरत थी।  लेकिन मैच के पांचवें दिन पूरी बंगाल टीम 175 रन पर ढेर हो गई। बंगाल के लिए कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिका नहीं रह सका।  ईश्वरन ने 78 रन बनाए, जिसमें 7 चौके शामिल थे। मध्य प्रदेश के लिए कुमार कार्तिकेय ने सर्वाधिक 5 विकेट लिए। वहीं, गौरव यादव को 3, जबकि सारांश जैन को 2 विकेट मिले।
 
इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए एमपी ने पहली पारी में 341 रन बनाए। विकेटकीपर-बल्लेबाज हिमांशु मंत्री ने 165 और अक्षत रघुवंशी ने 63 रन बनाए। जवाब में बंगाल अपनी पहली पारी में केवल 273 रन ही बना सका, जिससे मध्य प्रदेश को पारी के आधार पर 68 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई।  बंगाल के लिए पहली पारी में शाहबाज अहमद ने 116 और मनोज तिवारी ने 102 रन बनाए। इसके बाद एमपी ने अपनी दूसरी पारी में 281 रन बनाए। जिससे बंगाल को 350 रनों का लक्ष्य मिला। मध्य प्रदेश के लिए कप्तान आदित्य श्रीवास्तव ने 82 और रजत पाटीदार ने 79 रन बनाए। बंगाल के लिए दूसरी पारी में शाहबाज अहमद ने पांच और प्रदीप्त प्रमाणिक ने चार विकेट लिए।