प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने से चूके पृथ्वी शॉ, चयनकर्ताओं को दिया करारा जवाब

 
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नई दिल्ली: टीम इंडिया से फिलहाल बाहर चल रहे स्टार ओपनर पृथ्वी शॉ के बल्ले ने एक बार फिर ताबड़तोड़ रन बनाकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. 23 साल के पृथ्वी शॉ ने भी अपनी पारी से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के चयनकर्ताओं को करारा जवाब दिया है। पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी 2022-23 सीजन में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। दरअसल, मुंबई के लिए खेलते हुए पृथ्वी शॉ ने असम के खिलाफ मैच में 379 रन की शानदार पारी खेली थी।

यह मैच गुवाहाटी के अमीनगांव क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. हालांकि, पृथ्वी शॉ 400 रन के ऐतिहासिक आंकड़े से चूक गए। उन्हें असम के रियान पराग ने पवेलियन भेजा। इसी के साथ पृथ्वी शॉ भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट और रणजी के इतिहास में दूसरे सबसे बड़े स्कोरर बन गए हैं। उन्होंने संजय मांजरेकर का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 1991 में मुंबई (तब बॉम्बे) के लिए हैदराबाद के खिलाफ 377 रन बनाए थे। आपको बता दें कि प्रथम श्रेणी और रणजी के इतिहास में 400 रन बनाने का रिकॉर्ड सिर्फ एक बार बना है।


यह रिकॉर्ड महाराष्ट्र की ही बीबी निंबालकर के नाम दर्ज है। उन्होंने 1948 सीजन में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। पृथ्वी शॉ ने इस मैच में महज 383 गेंदों में तूफानी पारी खेलते हुए 379 रन बनाए थे। इस पारी में इस ओपनर ने 4 छक्के और 49 चौके लगाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 98.96 का रहा। वह खेल के पहले दिन 240 रन बनाकर नाबाद लौटे। पृथ्वी शॉ अगर कुछ और देर क्रीज पर टिके रहते तो 400 रन का रिकॉर्ड भी बना लेते। मुंबई का तीसरा विकेट 598 के स्कोर पर गिरा। फिलहाल मुंबई टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे शतक लगाकर क्रीज पर मौजूद हैं।