हॉकी के कपिल देव का आज जन्मदिन, जानिए कैसा रहा उनका शुरुआती करियर

 
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भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और महान खिलाड़ी धनराज पिल्ले आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। पिल्लै का जन्म आज ही के दिन यानी 16 जुलाई 1968 को महाराष्ट्र के पुणे जिले के खड़की जिले में हुआ था। उन्हें हॉकी का कपिल देव भी कहा जाता है। पिल्ले एक शानदार फॉरवर्ड थे। धनराज चपलता और विपक्षी टीम को धोखा देने की कला बखूबी जानते थे। उन्होंने भारत के लिए 339 मैच खेले और 170 गोल किए। धनराज भारतीय हॉकी की महान परंपरा के ध्वजवाहक भी थे।

धनराज पिल्ले के 5 भाई थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी प्रभावशाली नहीं थी। उन्होंने हॉकी स्टिक के रूप में लकड़ी की छड़ें बनाकर खेलना भी शुरू कर दिया था। उन्होंने 1989 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और 15 साल तक भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2000 में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2000 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।
 
उन्होंने चार ओलंपिक (1992, 1996, 2000 और 2004), चार विश्व कप (1990, 1994, 1998 और 2002), चार चैंपियंस ट्रॉफी (1995, 1996, 2002 और 2003) और चार एशियाई खेलों (1990, 1994) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1998 और 2002)। ऐसा करने वाले वह इकलौते खिलाड़ी हैं।

1998 के एशियाई खेलों और 2003 एशिया कप विजेता हॉकी टीम की कमान भी धनराज के हाथ में थी। वर्ष 2002 में जब चैंपियंस ट्रॉफी जर्मनी में खेली गई थी, तब धनराज प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे।