बिहार में बाढ़ से तबाही, गोपालगंज में गंडक का तटबंध टूटा

Friday, 24 Jul 2020 11:49:56 AM

नई दिल्ली। बिहार में बारिश के बीच नदियां उफान पर हैं बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। खेतों में लगी फसलें डूब गई हैं। हजारों लोग विस्‍थापित हो चुके हैं। लोगों का निचले इलाकों से सुरक्षित जगहों पर जाना लगातार जारी है। बिहार में उफनती नदियां और बाढ़ के पानी ने 5 लाख से ज्यादा लोगों के जीवन को बेहाल कर दिया है. इस बार राज्य के करीब 10 से ज्यादा जिलों में स्थिति नाजुक हो चली है. इस बीच बिहार के गोपालगंज में एक और पुल बह गया है. यहां सारण तटबंध टूट गया है और इससे नए इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।


नेपाल के छोड़े पानी और बिहार में भारी बारिश से लबालब उफनती गंडक ने बिहार के एक और तटबंध को निगल लिया। देर रात गोपालगंज के पास सारण तटबंध दो जगह से टूट गया है। हालांकि ग्रामीण हालात को देखते हुए हफ्ते भर से रतजगा कर रहे हैं इसलिए उन्हें फौरन ही पता चल गया। रिंग बांध टूटने से गंडक नदी का दबाव सारण मुख्‍य तटबंध पर पड़ा। इससे गोपालगंज के बरौली स्थित देवापुर में सेलुइस गेट के पास पानी के दबाव के कारण सारण तटबंध टूट गया है। इससे गंडक नदी का पानी राष्‍ट्रीय उच्‍च पथ 28 की तरफ तेजी से फैल रहा है। देवापुर गांव में गंडक का पानी घुसने से हहाकार मच गया है। मांझागढ़ प्रखंड के पुरैना में भी सारण तटबंध टूट गया है।


इंजीनियरों ने बताया कि गंडक नदी विशम्भरपुर में लाल निशान से 2 मीटर, पतहरा में 170, डुमरिया घाट में 145 व मटियारी में लाल निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही है। जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सारण बांध व छरकियों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बुधवार से वाल्मीकी नगर बराज से लगातार ढाई लाख से भी कम पानी छूटने लगा है। जिससे नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। पतहरा में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कम होने लगी है।