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अमित शाह जी ! देश हर गुनाह का हिसाब लेता है, कांग्रेस ने गृह मंत्री को ललकारा

Thursday, 19 Dec 2019 10:05:27 PM

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नागरिकता संशोधन कानून पर संग्राम जारी है. पक्ष और विपक्ष में तकरार जारी है. सड़कों पर भी व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन जारी है. पूर्वोत्तर से लेकर महाराष्ट्र तक प्रदर्शन जारी है. विपक्ष दल इसे लेकर सरकार से किसी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं तो सरकार भी आरपार के मूड में दिखाई दे रही है. नागरिकता संशोधन कानून पर मचे बवाल के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस जारी है. इसी क्रम में कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह पर एक बार फिर हमला बोला है.

दरअसल, अमित शाह ने एक समाचार चैनल से बातचीत में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी सहित तमाम मुद्दों पर सरकार के स्टैंड को साफ किया था. कांग्रेस ने इन तमाम मुद्दों पर पूछे गए सवालों पर अमित शाह के जवाब पर पलटवार किया. कांग्रेस ने कहा कि हमें मालूम है गृहमंत्री जी, आप भावनाओं के स्तर पर लाश बन चुके हैं, जिसमें न लोगों की पीड़ा के प्रति दर्द और न ही देश में लगी आग की परवाह. क्योंकि यह आग आपको सुकून दे रही है. लेकिन यह हिंदुस्तान मचलता हुआ देश है. आपके हर गुनाह का हिसाब लेगा.

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कांग्रेस ने कहा कि धर्म के आधार पर देश को बांटने वाली टू नेशन थ्योरी लेकर आए आपके गुरु सावरकर और जिन्ना. अब आप जिम्मेदार ठहराएंगे गांधी-नेहरू-पटेल की कांग्रेस को. आप पटेल को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. इतना दिखावा कैसे कर लेते हैं आप, कांग्रेस की समावेशी सोच के अनुसार काम करने का आप में साहस नहीं है. असम समझौता सभी अवैध लोगों को देश से बाहर निकालने की बात करता है. अंतर यह है कि हमें देशवासियों की फिक्र होती है और आपको सत्ता की. भूलने की बीमारी अच्छी बात नहीं है, लेकिन, हम याद दिलाएंगे आपको कि आप ही ने कहा था- एनआरसी पूरे देश में लागू होगी और यह आप भूल गए कि एनआरसी व सीएबी नागरिकता छीनती है. आप शंखपुष्पी का सेवन करें.

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दरअसल, न्यूज चैनल से बातचीत में गृहमंत्री शाह ने कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून जरा भी वापस नहीं होगा, किंचित मात्रा में संभावना नहीं है. हम मानते हैं कि ये लाखों-करोड़ों लोग जो अपना धर्म बचाने के लिए देश की शरण में आए हैं, नेहरू-लियाकत पैक्ट के अनुसार इस देश का दायित्व है हम उन्हें नागरिकता दें. उन्होंने आगे कहा कि यह नौबत ही न आती, अगर कांग्रेस पार्टी के उस समय के नेता धर्म के आधार पर देश का विभाजन न होने देते. एनआरसी का मुद्दा भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस लेकर आई थी. 1985 में असम समझौते के अंदर असम में एनआरसी लागू किया जाएगा, इसका वादा राजीव गांधी जी ने किया था. नागरिकता संशोधन बिल में कहीं पर भी किसी की नागरिकाता वापस लेने का प्रावधान है ही नहीं, इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है.

कांग्रेस ने सावरकर के बहाने भी अमित शाह को घेरा और कहा कि सच निकल ही जाता है गृहमंत्री जी. आपने सच कहा कि राहुल गांधी कभी सावरकर नहीं बन सकते, उसके लिए अंग्रेजों से माफीनामा लिखना पड़ेगा, देश की आजादी के आंदोलन से गद्दारी करनी पड़ेगी, अंग्रेजों की वफादारी करनी पड़ेगी. हमें गर्व है कि राहुल गांधी सावरकर बन भी नहीं सकते. दरअसल, अमित शाह ने राहुल गांधी के सावरकर वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि राहुल गांधी सावरकार बन भी नहीं सकते, सावरकर बनने के लिए बहुत बड़ी तपस्या, बहुत बड़ा त्याग और बहुत तीव्र देशभक्ति चाहिए. इन तीनों में से कुछ भी राहुल गांधी के व्यक्तित्व में नहीं झलकता है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).

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