गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँज उठा कानपुर, देर रात हुए एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मी शहीद

Friday, 03 Jul 2020 11:59:37 AM

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी. जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इस घटना में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। इसके अलावा एसओ बिठूर कौशलेंद्र प्रताप समेत 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. जिन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कानपुर पहुंचे एडीजी (एलओ) प्रशांत कुमार ने कहा, 'पुलिस की तरफ से चूक हुई है. इस मामले की भी जांच होगी. हत्यारे विकास को खोजा जा रहा. कानपुर में जगह-जगह पर छापेमारी हो रही है. विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है. सभी बॉर्डर सील कर वाहनों की चेकिंग-की जा रही है। जानिए उस रात क्या हुआ था।


राहुल तिवारी नामक एक व्यक्ति ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करवाया। विकास को पकड़ने बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चौबेपुर और बिठूर पुलिस देर रात लगभग 12.30 से 1 बजे के बीच बिकरु गांव पहुंची। गांव में विकास दुबे ने अपने घर के रास्ते में जेसीबी लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया था। रास्ता रोके जाने पर पुलिस को इस बात का आभास हो गया था कि विकास दुबे को पुलिस के दबिश की जानकारी हो गई है। पुलिस अपनी गाड़ियों को जेसीबी के पास छोड़कर पैदल घर की तरफ बढ़ी थी।


खबरों के अनुसार आपको बता दे की लगभग रात करीब 1.15 बजे घर के पास पुलिस पहुंची गई। पुलिस को इस बात का अंदाजा नहीं था कि विकास दुबे के साथ कितने लोग हैं और कहां पर छिपे हैं। पुलिस के नजदीक पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से फायरिंग करना शुरू कर दिया। पुलिस टीम चारों तरफ से घिर चुकी थी। रात 1.30 बजे बदमाशों और पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई। लगभग 2.15 बजे तक पुलिस और बदमाशों के बीच रूक-रूक कर फायरिंग होती रही। अंधेरे का फायदा उठाते हुए विकास दुबे अपने साथियों के साथ भाग गया। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में पुलिस के साथी घायल हो गए थे। पुलिस घायल साथियों को लेकर लगभग बजकर 15 मिनट पर रीजेंसी हॉस्पिटल पहुंची। हॉस्पिटल में सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों को मृत घोषित कर दिया गया।

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