अधंविश्वास के कारण महिलाएं ही टारगेट क्यों, क्या होता है महिलाओं के साथ काले जादू में

Monday, 21 Oct 2019 03:37:32 PM

ओडिशा के सुन्दरगढ़ से खबर आई. कि एक औरत ने चार साल की बच्ची की हत्या कर दी. रिर्पाट के अनुसार बच्ची आंगनवाडी से वापस आकर घर के बाहर खेल रही थी. शाम को वहां से गायब हो गई. जब लोगों ने ढूंढना शुरू किया, तो कथित रूप से उसी गांव की एक औरत के घर में वो लड़की मिली. टिन के डब्बे में बंद. उसके गले और पेट पर चोट और खून के निशान थे. घरवाले उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. गांव में खबर फ़ैल गई कि बच्ची काले जादू की भेंट चढ़ गई है. प्रशासन ने पुलिस की फोर्स गांव में भेजीं ताकि वहां का तनाव नियंत्रित किया जा सके. पुलिस तफ्तीश में लगी हुई है आरोपी आखिर है कौन16 दिन की मासूम को मिला नया जीवन, ट्यूमर के साथ खोपड़ी से बाहर आ रहा था दिमाग

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर की घाताल तहसील में एक छोटा सा गांव है ईश्वरपुर. आदिवासी बहुल इलाका है. यहां पिछले कुछ दिनों से लोग काफी बीमार पड़ रहे थे. किसी को बुखार हो रहा था, तो किसी को दस्त हो रहे थे, किसी के पेट में भी दर्द हो रहा था. इन लोगों को लगा कि कोई बुरी ताकत ऐसा कर रही है. इसलिए मसले को हल करने गांव की ओझा जान गुरू के पास पहुंच गए. उस ने गांव की चार औरतों का नाम बताया. कहा कि ये चार औरतें ही डायन हैं. इन्हें लेकर आओ. उन्हें लाकर भीड़ ने इतना पीटा कि उनमें से एक की मौत हो गई.नकल रोकने के लिए कॉलेज ने की सारी हदें पार, सोशल मीडिया पर की जा रही आलोचना

राजस्थान में एक जिला है भीलवाड़ा. वहां एक तहसील है- रायपुर. यहां 75 साल की चमेली का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था. क्योंकि गांव वाले उसे ‘डायन’ समझते हैं. चमेली के परिवार के लोगों ने ही ये अफवाह फैलाई थी. उसके जेठ और परिवार के कुछ लोगों ने उसे ‘डायन’ घोषित कर दिया था. और गांव से निकल जाने का फरमान भी सुना दिया था. चमेली पिछले करीब एक महीने से पुलिस के चक्कर काट रही है. वो चाहती है कि उसकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज हो. लेकिन अभी तक उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया है. डायन कहकर औरतों को मार डालना, उनका बलात्कार करना, घर से निकाल देना, मार-पीट करना कोई नई बात नहीं है. शहरों में भले ही इसके मामले कम दिखाई दें. लेकिन गांवों में अभी भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

सोलहवीं सदी के इंग्लैंड में भी सालेम में कई औरतों को डायन कहकर जिन्दा जला दिया गया था. गांवों में इस तरह की बातें होने के पीछे अन्धविश्वास होता है. यही नहीं, अकेली औरत से जुड़े मिथ भी इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं. आम तौर पर विधवाएं, बूढ़ी औरतें, वो औरतें जिनका कोई बच्चा ना हुआ हो, इस तरह की औरतों को टार्गेट किया जाता है क्योंकि इनमें किसी ना किसी तरह की कमी निकलना आसान हो जाता है. कई औरतों को डायन कहकर इसलिए मार दिया गया क्योंकि उनका खुद का कोई बच्चा नहीं था, और उस गांव से कोई छोटा बच्चा गायब हो गया था. डायनों को अधिकतर काले जादू से जोड़कर देखा जाता है. काले जादू में कई तरह की चीज़ें आती हैं.लेकिन ये मान्यता है कि अधिकतर लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल होता है. नज़र लगा देना, नुक्सान करा देना, बच्चे को बीमार कर देना, बिजनेस में या नौकरी में घाटा करवा देना. ये सभी चीज़ें काले जादू के ऊपर मढ़ दी जाती हैं. साधारण बीमारी को भी ऊपरी हवा का साया बता कर पैसे लूटने वाले काले जादू शब्द का इस्तेमाल करते हैं. इसके जाल में अंधविश्वासी जनता फंस जाती है, और इस तरह ये सिलसिला चलता रहता है.Reliance Jio का दिवाली धमाका, तीन All IN ONE प्लान हुए लॉन्च, 1000 मिनट IUC कॉलिंग मुफ्त

डायन बता कर औरतों से जुर्माना वसूलने में पंचायतें भी पीछे नहीं रहतीं. मानो जुर्माना भरकर उनके ‘डायन’ होने से छुटकारा मिल जाएगा. आमतौर पर गरीब, अकेली औरतें जुर्माना नहीं भर पातीं और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. कुछ ही ‘भाग्यशाली’ औरतें होती हैं जिन्हें निष्कासन झेलना पड़ता है. बाकी जिंदा रहकर अगले दिन का सूरज भी नहीं देख पातीं. नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के मुताबिक़ 1991 से लेकर 2010 के बीच 1700 औरतें डायन होने के आरोप में मार दी गईं. जबकि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा होने की पूरी आशंका है. क्योंकि कई मामले की तो रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जाती. या अगर की भी जाती हैं तो उस मामले की सुनवाई नही होती है।

loading...