राम मंदिर निर्माण में आप भी हो सकते हैं शामिल ! समिति की क्या है योजना?

Thursday, 20 Aug 2020 02:35:15 PM

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कम से कम तीन वर्ष का समय लगेगा. इसके लिए निर्माण कंपनी लार्सन एंड टू्ब्रो, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को यह जानकारी दी। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपय राय ने बताया कि मंदिर का निर्माण 30-40 महीने में पूर्ण हो जाएगा. चंपत राय ने कहा कि मंदिर के निर्माण के लिए लोहे का उपयोग नहीं किया जाएगा. हम ताबें के छड़ों से मंदिर क निर्माण करेंगे.

वहीं राम तीर्थ क्षेत्र ने ट्वीट कर बताया कि मन्दिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा. निर्माण कार्य हेतु 18 इंच लम्बी, 3 एमएम गहरी और 30 एमएम चौड़ी 10,000 पत्तियों की आवश्यकता पड़ेगी. श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र श्रीरामभक्तों का आह्वान करता है कि तांबे की पत्तियां दान करें.


इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता चंपत राय ने कहा कि मंदिर के निर्माण में लगभग 10 हजार तांबे की छड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग मंदिर निर्माण में मदद करना चाहते हैं तो वह तांबा दान कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, निर्माण के दौरान तांबा जंग लगने से बिल्कुल अलग एक परत बनाता है, जो कि निर्माण को हजारों सालों तक टिकाए रखता है। इसी तरह की परत स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (न्यूयॉर्क) पर भी देखी जा सकती है।