वट सावित्री व्रत 22 मई को, जानिए क्यों होती है बरगद की पूजा

Friday, 22 May 2020 08:26:02 AM

इस वर्ष 22 मई को वट सावित्री व्रत आ रहा है। ऐसे में यह व्रत महिलाओं के लिए विशेष माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन महिलाओं द्वारा अपने पति पर उपवास और पूजा करने का संकट टल जाता है और उनका जीवन लंबा होता है। वट सावित्री व्रत में सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। आइए जानते हैं बरगद के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है।



बरगद के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है - ऐसा माना जाता है कि बरगद के पेड़ में तीनों देवों यानि ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। वट सावित्री व्रत के दिन विवाहित महिलाएं केले के पेड़ को जल अर्पित करती हैं और उसमें कुमकुम और अक्षत डालती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावित्री ने अपने मृत पति सत्यवान को केले के पेड़ के नीचे जीवित कर दिया था, इस कारण से इस व्रत का नाम वट सावित्री पड़ा और इसलिए इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है।


वट सावित्री व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त -

वट सावित्री व्रत - 22 मई 2020
21 मई 2020 को अमावस्या तिथि प्रारंभ: 09 मई से 35 मिनट तक
अमावस्या तिथि समाप्त: 22 मई 2020, सुबह 11:00 बजे

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