शनिवार वाडा की रहस्यमयी कहानी आपके दिमाग को उड़ा देगी

Monday, 01 Jun 2020 11:04:00 AM

कई ऐसे महल भारत में बने हुए हैं, जिनके रहस्य आज तक सामने नहीं आए हैं। उसी समय, भारत के अन्य कोनों में लोग शनि वड़ा के बारे में नहीं जानते होंगे, लेकिन मराठी लोग इसके बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। दरअसल, यह एक ऐतिहासिक महल है, जो कभी मराठा साम्राज्य का गौरव और गौरव हुआ करता था, लेकिन लगभग 246 साल पहले, इस महल में एक घटना हुई थी, जो आज भी सुनी जाती है। हां, यह इस घटना के कारण है कि लोग इस महल को रहस्यमयी मानते हैं। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं शनिवार वाडा की रहस्यमयी कहानी के बारे में जो आज भी लोगों को डराती है।

आपको बता दें कि शनिवार वाडा, महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है, जिसे बाजीराव पेशवा ने बनवाया था, जिन्होंने मराठा-पेशवा साम्राज्य को ऊंचाई पर ले गए थे। वर्ष 1732 में यह पूरी तरह से पूरा हो गया था। यह भी कहा जाता है कि उस समय इसे बनाने में लगभग 16 हजार रुपये खर्च हुए थे। उस समय यह राशि बहुत अधिक थी। उस समय इस महल में लगभग 1000 लोग रहते थे। कहा जाता है कि इस महल की नींव शनिवार को रखी गई थी, इसीलिए इसे 'शनिवर वडा' नाम दिया गया था। यह महल लगभग 85 वर्षों तक पेशवाओं के अधिकार में था, लेकिन 1818 ई। में, अंग्रेजों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया और यह भारत की स्वतंत्रता तक उनके अधिकार में रहा।



यह भी कहा जाता है कि 30 अगस्त 1773 की रात को इसी महल में, 18 वर्षीय नारायण राव की हत्या और हत्या कर दी गई थी, जो मराठा साम्राज्य के नौवें पेशवा बन गए। कहा जाता है कि उसकी हत्या उसके चाचा ने की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी अमावस्या की रात को महल से किसी की दर्द भरी आवाज सुनाई देती है, जो बचाओ-बचाओ चिल्लाती है। यह आवाज नारायण राव की ही है। शनिवार वाडा से जुड़ा एक और रहस्य है, जो आज तक अनसुलझा है। वर्ष 1828 में इस महल में भीषण आग लगी थी, जो सात दिनों तक जलती रही थी। इसके कारण महल का एक बड़ा हिस्सा जल गया। अब यह आग कैसे लगी, यह आज भी एक सवाल बना हुआ है। इसके बारे में कोई नहीं जानता।

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