इस मंदिर में स्थापित है एशिया के सबसे ऊंची गणेश जी की प्रतिमा !

Friday, 21 Aug 2020 04:13:48 PM

लाइफस्टाइल। देशभऱ में गणेश चतुर्थी को भी लोग धूमधाम के साथ मनाते हैं। गणपति को घर लाकर विराजमान करने से लेकर उनके विसर्जन को भी धूमधाम से करते हैं। 10 दिन चलने वाले इस त्यौहार पर गणपति की स्थापना की जाती है। गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतर्दर्शी तक यानी दस दिनों तक चलता है। इसके बाद चतुर्दशी को इनका विसर्जन किया जाता है। गणेश चतुर्थी पर्व 22 अगस्त को मनाया जाएगा। हर साल यह पर्व भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। आज हम आपको इस पोस्ट में गणेश जी के एक प्रमुख मंदिर के बारे में बता रहे है।

मध्यप्रदेश की राजधानी इंदौर में भगवान गणेश का एक प्रमुख मंदिर स्थित है। इस मंदिर की विशेषता यहां एशिया की सबसे बड़ी प्रतीमा स्थापित है। माना जाता है भगवान गणेश की ये प्रतीमा एशिया की सबसे बड़ी प्रतीमा है। गणेश जी की बैठी मुद्रा की ऊंचाई 25 फुट है। प्रतीमा 4 फुट ऊंचे और 14 फुट चौड़ी चौकी पर विराजित है। इस भव्य प्रतीमा का निर्माण 1901 को पूरा हुआ था। 1954 में मंदिर के लिए पक्की छत का निर्माण हुआ उससे पहले टीन की छत के नीचे ही मूर्ति स्थापित थी।

इस मंदिर में गणेश जी के श्रृंगार में करीब 8 दिनों का समय लगता है। साल में चार बार गणेश जी को चोला चढ़ाया जाता है। भाद्रपद सुदी चतुर्थी, कार्तिक बदी चतुर्थी, माघ बदी चतुर्थी और बैसाख बदी चतुर्थी के दिन चोला और सुंदर वस्त्रों से गणेश जी का श्रृंगार किया जाता है। इस आलौकिक प्रतिमा के दर्शन करने के लिए हर दिन श्रद्धालु आते हैं लेकिन गणेश उत्सव पर यहां भक्तों की संख्या हजारों हो जाती है। माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।