देवी ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के दूसरे दिन इस मंत्र का जाप करें

Thursday, 26 Mar 2020 01:56:55 PM

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आप सभी जानते ही होंगे कि नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि का त्यौहार पिछले 25 मार्च से शुरू हुआ है और यह त्यौहार सभी हिंदुओं के लिए मुख्य माना जाता है। यह त्यौहार नौ दिनों का होता है, जिसमें मातारानी के भक्त उपवास रखते हैं और अपनी इच्छा मां के सामने रखते हैं। दरअसल, कहा जाता है कि इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए पूजा की जाती है। ऐसे में आज का दिन मां ब्रह्मचारिणी का है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। ऐसे में आज हम आपको उनके मंत्र, ध्यान स्त्रोत और कवच बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको आज अवश्य पढ़ना चाहिए, क्योंकि ये आपको लाभ पहुंचा सकते हैं। तो आइए जानते हैं उनके बारे में।

मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ।।
दधाना कर पद्मभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मा ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ।।
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः ि
ध्यान लगाने की क्रिया
वन्दे वाक् अश्वलाभय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
जपला कमण्डलु धरा ब्रह्मचारिणी शुभम ण्ड
गौरवर्णा स्वाधिष्ठानस्थिता द्वितीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।
धवल परिधाना ब्रह्मरूप पुष्पाल परि्कर भूषिताम् ब्रह्म
परम वन्दना पल्लवधरण कान्त कपोला पीन।
पयोधराम् कमनीया लावण्य स्मरिलन निम्ननाभि नितम्बनीम् कम
स्त्रोत
तपश्चारिणी त्वहि तापत्रय निवारणीम्।
ब्रह्मरूपधर्मचारिणी प्रणमाम्यम् ब्रह्म
श्करप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति वर्दिनी।
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणम्यहम् दा
कवच मंत्र
त्रिपुरा में हृदयम् पातु ललाटे पातु शकर्करभामिनी।
अर्पण सदापातु नेत्रो, अर्ध च कपोलो ातु
पञ्चदशी कण्ठे पातु मध्यदेशे पातु महेश्वरी शी
षोडशी सदापातु नाभो गृहो च पाद्यो।
अठ्ग प्रत्ययगग सतत पातु ब्रह्मचारिणी ङ


कहा जाता है कि इन सभी का जाप करने से मां खुश हो जाती हैं और मनचाहा वरदान देती हैं।

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