LAC पर पीछे हटी चीनी सेना, डोभाल से चर्चा के बाद झुका चीन?

Tuesday, 07 Jul 2020 09:36:59 AM

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर तनाव कम करने की कोशिश हो रही है. LAC पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है गलवान घाटी में चीन ने अपनी सेना दो किलोमीटर पीछे बुला ली है। चीन ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लद्दाख दौरे के दो दिन बाद रविवार को उठाया। रविवार को सुबह 8.45 बजे, सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन करके जानकारी दी कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) गलवान घाटी के वाई-जंक्शन से सैनिकों को पीछे के बेस कैंप की ओर ले जा रही है।


उसी शाम, 5 और 6 बजे के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की। बातचीत के दौरान अजित डोभाल ने पूर्वी लद्दाख में 1597 किलोमीटर लंबे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के चार प्वाइंट पर भारतीय सेना के गश्त अधिकारों को बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


आपकी जानकारी के लिए बता दे की भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से सीमा विवाद चल रहा है. इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं, भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं। अजित डोभाल ने अपने समकक्ष से बॉर्डर पर शांति स्थापित करने को लेकर बात की और आगे साथ में काम करने पर मंथन किया. दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं ना हों. इसके अलावा बॉर्डर पर फेज़ वाइज़ सेना के पीछे हटने पर भी सहमति बनी है. साथ ही दोनों पक्ष लगातार बॉर्डर को लेकर जो विवाद जारी है, उसपर बातचीत चलती रहेगी।

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