अफगानी महिलाओं को 'बुर्का-हिजाब' स्वीकार नहीं..., तालिबान के विरोध में शेयर कर रही ऐसी तस्वीरें

Wednesday, 15 Sep 2021 03:01:51 PM

काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान के "आतंकवादी शासन" के आने के बाद से महिलाओं पर लगातार अत्याचार होते रहे हैं। तालिबान ने यह कहते हुए अपनी छवि बदलने का नाटक किया था कि यह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा, लेकिन वास्तविकता इससे कोसों दूर थी। तालिबान महिलाओं से किए गए वादे को तोड़ रहे हैं, उन्हें बुर्के में रहने को मजबूर किया जा रहा है। यहां तक ​​कि बीच रोड पर महिलाओं के साथ मारपीट भी की जा रही है। अफगान महिलाओं ने सोशल मीडिया पर तालिबान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।


तालिबान के बुर्का और हिजाब पहनने के फरमान का विरोध करने के लिए अफगान महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों में सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करती रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्राओं के लिए तालिबान के नए ड्रेस कोड के विरोध में दुनिया के विभिन्न देशों की अफगान महिलाओं ने एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। वे तालिबान द्वारा प्रचारित इस्लाम के खिलाफ अपनी संस्कृति को दुनिया के सामने रख रहे हैं। वे लिख रहे हैं कि तालिबान शासन में जो किया जा रहा है वह 'हमारी संस्कृति नहीं है।' वे रंगीन पारंपरिक अफगान पोशाक पहने हुए सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते रहे हैं।


अफगानिस्तान में अमेरिकी विश्वविद्यालय में इतिहास के पूर्व प्रोफेसर डॉ बहार जलाली द्वारा शुरू किए गए एक अभियान में, सैकड़ों महिलाएं बिना हिजाब पहने #DoNotTouchMyClothes और #AfghanistanCulture जैसे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं।