छत्रपति शिवाजी महाराज इतने महान और प्रबुद्ध क्यों थे? आप भी जानिए

Monday, 27 Jan 2020 10:58:40 AM

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अपने बचपन के दिनों में छत्रपति शिवाजी महाराज अपनी माँ जीजाऊ माता से रामायण और महाभारत कि कहानियां सुना करते थे|

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इन कहानियों में बहुत कुछ सीखने लायक है, और उतना ही महत्वपूर्ण है इन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितयों में लागु करना |

महाभारत में एक विशेष घटना है जब पितामह भीष्म इतने शक्तिशाली हो जाते है, कि उन्हें पांडवो की पूरी सेना को नष्ट करने से रोकना लगभग असंभव हो जाता है|

तब श्री कृष्णा युद्ध में भाग न लेने की अपनी सपथ तोड़ देते हैं और टूटे हुए रथ का पहिया लेकर भीस्म पितामह पर प्रहार करना शुरू कर देते हैं| हालाँकि उन्हें अर्जुन द्वारा रोक लिया जाता है|

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अर्जुन पूछते हैं: हे माधव आप अपनी सपथ क्यों तोड़ रहे हैं?
कृष्णा: अर्जुन, शपथ मात्र हमारे व्यक्तिगत धर्म का अभ्यास करने का एक तरीका है, लेकिन जब वह शपथ सही चीज़ के बीच में आ जाती है, या वह अधर्म को बढ़ने का मौका देती है, तो इसे तोड़ दिया जाना चाहिए। उस शपथ का पालन करने का कोई मतलब नहीं है जब हमारे सामने अधर्म हो रहा है।

यह सुनकर पीतामह भीष्म को भी अपनी गलती का एहसास होता है, कि द्रौपदी के चीरहरण के दौरान, वह सबसे सक्षम व्यक्ति थे, सबसे शक्तिशाली, वह व्यक्ति जो किसी से पराजित नहीं हो सकता था, अगर वह अपनी शपथ तोड़ देते, तो वह द्रौपदी को चीरहरण और अन्य सभी अपमानों से बचा सकते थे , इस प्रकार द्रौपदी कि गरिमा को बचाते हुए युद्ध को रोका जा सकता था|

इसके बाद भीष्म ने युद्ध में अपनी सक्रीय भूमिका को छोड़ दिया और शिखंडी के आकर उन्हें मारने का इंतज़ार करने लगे|

इसी प्रकार, फिल्म तान्हाजी में हम देख सकते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने तान्हाजी को यह वचन दिया था कि जबतक तान्हाजी कि तरफ से कोई संकेत नहीं मिलता है तब तक महाराज को कोंढ्हाना के किले में आने कि अनुमति नहीं होगी|

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लेकिन दूसरे छोर पर, राजगढ के किले पर तान्हाजी के बारे में महाराज बहुत चिंतित थे। महाराज समझ सकते थे कि अगर वह तानाजी के वचन का पालन करके हुए इस तरह किले पर रहे, तो यह सही नहीं होगा।

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महाराज ने तुरंत सैनिकों को कोंढाना जाने के लिए तैयार होने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के कारण, भले ही बहादुर तान्हाजी जीवित नहीं रह सके, लेकिन नए सैनिकों ने पूरे किले पर विजय प्राप्त कर लिया|

महाराज कम से कम इतने प्रबुद्ध थे कि वो महाभारत कि कहानियों से सीख लेते हुए उसे वर्तमान की परिस्थितियों में लागू कर सकें|

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इसीलिए वो इतने महान थे !

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