RBI निदेशक ने मोदी सरकार के राहत पैकेज पर उठाए सवाल

Friday, 22 May 2020 09:53:46 AM

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नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निदेशक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सतीश काशीनाथ मराठे ने कोरोना महतारी से निपटने के लिए मोदी सरकार के राहत पैकेज पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एनपीए में तीन महीने की मोहलत पर्याप्त नहीं है और नरमी को राहत पैकेज में शामिल किया जाना चाहिए था।

उन्होंने ट्वीट किया कि, 'राहत पैकेज अच्छी और प्रगतिशील सोच है, लेकिन यह अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में अग्रिम योद्धाओं के रूप में बैंकों को शामिल करने में विफल रहा है। तीन महीने की मोहलत पर्याप्त नहीं है। एनपीए, प्रोविजनिंग में नरमी आदि को राहत पैकेज में शामिल किया जाना चाहिए था ताकि देश को एक बार फिर से प्रगति के पथ पर ले जाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के राहत पैकेज की मांग बढ़ने की संभावना नहीं है क्योंकि आपूर्ति पक्ष पर अधिक जोर दिया गया है।



मराठे ने अपने बैंकिंग करियर की शुरुआत बैंक ऑफ इंडिया (BOI) से की। उन्होंने 2002 से 2006 तक द यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में भी काम किया और इससे पहले 1991 से 2001 तक वे जन कल्याण सहकारी बैंक लिमिटेड के सीईओ रहे। वह सहकार भारती के एक संस्थापक सदस्य हैं, जो सहकारी क्षेत्र में काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन है। यह वास्तव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित एक स्वैच्छिक संगठन है।

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