भारत में अपना निवेश बढ़ा रहा चाइना, सामने आए चौकाने वाले आंकड़े

Monday, 29 Jun 2020 10:43:57 AM

इससे पहले चीन के साथ झड़प के बाद लद्दाख में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जिसके बाद चीन के सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। ग्लोबल डेटा के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों के दौरान, देश की नई कंपनियों (स्टार्टअप्स) में चीनी कंपनियों का निवेश लगभग 12 गुना बढ़ गया है। भारतीय स्टार्टअप्स में चीनी कंपनियों का निवेश 2016 में 38.1 लाख डॉलर (लगभग 2,800 करोड़ रुपये) था, जो 2019 में बढ़कर 4.6 अरब डॉलर (लगभग 32 हजार करोड़ रुपये) हो गया।


ग्लोबल डेटा आर्थिक मामलों पर आंकड़े और विश्लेषण प्रदान करता है। कंपनी के अनुसार, देश के 24 प्रमुख स्टार्टअप में से 17 ने चीनी कंपनियों के साथ कॉर्पोरेट निवेश प्राप्त किया है। अलीबाबा और Tencent अग्रणी चीनी निवेश कंपनियां हैं। ये स्टार्टअप एक अरब डॉलर या अधिक बाजार के लायक हैं।


इसके अलावा, अलीबाबा और उसके पार्टनर Ant Financial ने भारत के चार प्रमुख स्टार्टअप (Paytm, Snapdeal, BigBasket और Zomato) में 2.6 बिलियन (लगभग 18,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। जबकि, Tencent और अन्य चीनी कंपनियों ने पांच प्रमुख स्टार्टअप (ओला, स्वैगी, हाइक, ड्रीम 11 और बाइजस) में 2.4 बिलियन डॉलर (लगभग 17 हजार करोड़ रुपये) का निवेश किया है। भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले अन्य प्रमुख चीनी निवेशकों में शुनेवेई कैपिटल, हिलहाउस कैपिटल ग्रुप, मेटुआन-डिनपिंग, दीदी चक्सिंग और फोसुन शामिल हैं। चीन ने भारत की कई टेक्नोलॉजी कंपनियों और स्टार्टअप्स में पैसा दबाया है। एक अनुमान के मुताबिक, चीन में 30 में से 18 स्टार्ट-अप कंपनियों में एक बड़ी हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत 1 बिलियन डॉलर से अधिक है।

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