केंद्रीय मंत्री ने कहा - करना होगा WFH, तो इन कर्मचारियों को दफ्तर जाने में मिलेंगी छूट

 
गर्भवती महिलाओं
 नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गर्भवती महिलाओं और केंद्र सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों को कार्यालय जाने से छूट दी गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार (नौ जनवरी, 2022) को कहा की कर्मचारियों को उपलब्ध रहना होगा और घर से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अवर सचिव स्तर से नीचे के सरकारी कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति वास्तविक क्षमता के 50 फीसदी तक सीमित कर दी गई है और शेष 50 फीसदी घर से काम करेंगे। यह जानकारी कार्मिक मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी बयान में दी गई। सिंह ने कहा कि सभी संबंधित विभागों द्वारा इसी मुताबिक रोस्टर तैयार किया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं
कार्मिक राज्यमंत्री सिंह ने कहा कि कोविड निरूद्ध क्षेत्र में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तब तक कार्यालय जाने से छूट दी गई है जब तक कि निरूद्ध क्षेत्र को गैर अधिसूचित नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय नहीं आ रहे हैं और घर से काम कर रहे हैं, वे हर समय टेलीफोन और संचार के अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए उपलब्ध रहेंगे। 
* ‘तेजी से फैल रहा है कोविड’ 
इस बीच, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल रविवार को बोले कि जिस तेजी से कोरोना फैल रहा है, वह ‘गहरी चिंता’ का विषय है। उन्होंने इसके साथ ही लोगों से कोविड-उपयुक्त आचरण का पालन करने और टीका लगवाने की अपील की।सीएम ने आगे कहा, “मैं कोरोना वायरस के संक्रमण से उबर गया हूं।” दरअसल, चार जनवरी को उनके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद सीएम ने खुद को घर पर आइसोलेट कर लिया था। उन्हें बीमारी के हल्के लक्षण थे। सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस के तेजी से प्रसार को देखते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आदेश जारी किया है कि जहां तक संभव हो, आधिकारिक बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किए जाएं। उन्होंने बताया कि इसी तरह बहुत जरूरी नहीं होने पर किसी से मुलाकात से बचा जाना चाहिए। कार्यालय परिसर में अधिक भीड़भाड़ से बचने के लिए अधिकारी और कर्मचारी दो पालियों — सुबह नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे और सुबह दस बजे से शाम साढ़े छह बजे तक काम करेंगे।