ओवैसी ने पिछली सरकारों पर साधा निशाना कहा वे केवल भेदभाव करते रहे, नहीं किया मुस्लिम तुष्टीकरण

 
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नई दिल्ली. एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में मुस्लिम तुष्टिकरण नहीं किया बल्कि वे केवल भेदभाव करते रहे। उत्तरप्रदेश में मुसलमानों को भेदभाव और शोषण का सामना करना पड़ा है। इसके लिए सभी राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं। कार्यक्रम के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने शिक्षाविदों द्वारा उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति को लेकर तैयार की गई एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट जारी करने के दौरान उन्होंने कहा कि जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बताते हैं कि यूपी में मुसलमानों का तुष्टिकरण नहीं हुआ है। 
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लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा जारी चुनावी घोषणापत्र लोगों को धोखा देने के लिए हैं। ओवैसी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने अपने 2017 के घोषणापत्र में 70 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया, लेकिन उसका क्या हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मदरसा शिक्षकों को पिछले दो वर्षों से वेतन नहीं मिल रहा है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोषी हैं। इस दौरान ओवैसी ने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट को जारी करने का मकसद यह है कि सरकार यूपी में मुसलमानों की वास्तविक स्थिति को देखे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं, राजनेताओं और लोगों द्वारा पढ़ा जाए। ताकि वे यह जान सकें कि राज्य में किसी भी मुस्लिम का तुष्टीकरण नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे पास आंकड़े हैं। अब मैं ये जानना चाहता हूं कि सपा, बसपा या भाजपा के पास इस रिपोर्ट को लेकर क्या जवाब है। ​
एआईएमआईएम नेता ने यह भी कहा कि मुसलमानों से वादे किए गए, लेकिन किसी सरकार ने उन्हें आगे बढ़ाने के लिए काम करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों को इस सच्चाई को जानने की जरूरत है कि कैसे उनका इस्तेमाल डर, लालच और विश्वासघात के जरिए किया गया। बता दें कि सेंटर फार डेवलपमेंट पालिसी एंड प्रैक्टिस ने उत्तरप्रदेश में मुसलमानों की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसी रिपोर्ट को लेकर ओवैसी ने सभी पार्टियों पर हमला बोला