इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा पुरानी पेंशन के हकदार होंगे दैनिक वेतनभोगी

 
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नई दिल्ली. दैनिक वेतन पाने वाले भी पुरानी पेंशन पाने के हकदार होंगे। भले ही वे नई पेंशन स्कीम आने के बाद नियमित किए गए हों, पर अगर उनकी नियुक्ति नई पेंशन योजना लागू होने से पहले की है। तब वे पुरानी पेंशन पाने के लिए योग्य रहेंगे दरअसल, यह केस प्रयागराज नगर निगम के कर्मचारी याची कमालुद्दीन से जुड़ा है। उनकी नियुक्ति साल 1989 में निगम में दैनिक वेतनभोगी के रूप में हुई थी। पर वर्ष 2008 में वह नियमित किए गए। यहां ध्यान देने वाली बात है कि अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन स्कीम खत्म हो चुकी है। नतीजतन विभाग ने उन्हें पुरानी पेंशन दिए जाने का हकदार नहीं माना। 
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न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने आदेश देते हुए कहा कि अगर दैनिक वेतनभोगी की नियुक्ति नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले हो चुकी है, तब वह पुरानी पेंशन का हकदार है। साथ ही 17 जुलाई 2019 के शासन आदेश के आलोक में नई पेंशन लागू होने से पहले रखे गए कर्मचारी को पुरानी पेंशन नहीं देने का फैसला गलत और भ्रामक है। अदालत की ओर से कहा गया कि पेंशन और रिटायरमेंट जनित लाभ के लिए नियुक्ति की तारीख अहम है। 
कर्मचारी की नियुक्ति उसी तारीख से मानी जाएगी, जिस तारीख से वह से वह सेवा में आए हों। हालांकि, कोर्ट के सामने यह सवाल भी उठा कि एक अप्रैल, 2005 के बाद सर्विस में पक्के (नियमित) किए गए कर्मी को पुरानी पेंशन का हकदार माना जाए या नहीं? इस बाबत कोर्ट ने प्रेम सिंह बनाम यूपी राज्य और कौशल किशोर चौबे में पारित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के दृष्टांत पर विचार-विमर्श किया। कोर्ट ने इसके साथ ही प्रयागराज नगर निगम को आदेश दिया कि कर्मचारी के पेंशन से जुड़े सभी देय का पेमेंट आदेश की कॉपी हासिल करने के तीन महीने के भीतर करना