टीएमसी-जेडीयू भारत विरोधी ताकतों का समर्थन क्यों कर रही है? देश के खिलाफ बीबीसी का समर्थन

 
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नई दिल्ली: भारत सरकार ने गुजरात दंगों पर आधारित बीबीसी के प्रचार वृत्तचित्र पर कड़ा रुख अपनाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस संबंध में किए गए ट्वीट और यूट्यूब वीडियो के लिंक को ब्लॉक करने को कहा है। इसी सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने आपत्ति जताई है.

टीएमसी सांसद ने ट्वीट किया, 'सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है कि भारत में कोई भी बीबीसी शो न देख सके। यह शर्म की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सम्राट और दरबारी इतने असुरक्षित हैं.' वहीं जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी भारत की छवि खराब करने के लिए बीबीसी द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि डॉक्यूमेंट्री में केवल तथ्य हैं। त्यागी के मुताबिक गुजरात दंगों में कई लोग मारे गए थे और अगर इस संबंध में तथ्य सामने आ रहे हैं तो किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

आपको बता दें कि ब्रिटिश मीडिया एजेंसी बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने खुद कहा है, 'भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर जो चरित्र चित्रण किया गया है, मैं उससे बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं.' वहीं, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर ने भी इस डॉक्यूमेंट्री को प्रोपगैंडा बताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि 'बीबीसी न्यूज, आपने भारत के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और भारत के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पीएम के साथ-साथ भारतीय पुलिस और भारतीय न्यायपालिका का भी अपमान किया है। हम दंगों और लोगों की मौत की निंदा करते हैं, लेकिन आपकी पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की भी निंदा करते हैं.'

आपको बता दें कि गुजरात दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी को क्लीन चिट दे दी है. वहीं, कांग्रेस की करीबी तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ भी गुजरात दंगों को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ फर्जी सबूत गढ़ने का मामला चल रहा है. आरोप है कि तीस्ता ने कांग्रेस से पैसे लेकर तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ सबूत गढ़े और उनकी सरकार गिराने की कोशिश की.

हालांकि, भारत सरकार के आदेश के बाद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री से जुड़े लिंक्स को ट्विटर और यूट्यूब से हटाया जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, YouTube वीडियो के लिंक वाले 50 से अधिक ट्वीट ब्लॉक कर दिए गए हैं। सरकार ने आईटी नियम, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह कार्रवाई की है।