बांग्लादेश के मानिकगंज के मंदिर में मूर्तियों की हुई तोड़फोड़

 
b

हिंदुओं के एक बड़े त्यौहार गणेश चतुर्थी से पहले बांग्लादेश में फिर हिंसा की तस्वीर सामने आई है। ये तस्वीर सेंट्रल बांग्लादेश के जिले मानिकगंज के हरिरामपुर थाने के अंतर्गत आने वाले एक गांव भटियाखोला के दुर्गा मंदिर की हैं। यहां संभवत: 25 अगस्त की रात 14 साल पुराने दुर्गा मंदिर में मूर्तियां तोड़ दी गई। यह मामला अब मीडिया की सुर्खियों आया है। आगामी दुर्गा पूजा के लिए यहां मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उन्हें तोड़ दिया। शर्मनाक बात यह है कि पुलिस अब तक मंदिर में मूर्तियों की तोड़फोड़ में शामिल किसी की पहचान और गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।

दुर्गा पूजा से पहले मूर्तियों की तोड़फोड़ से डर
हरिरामपुर थाने के ओसी सैयद मिजानुर रहमान ने कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी), पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन और डिटेक्टिव ब्रांच भी घटना की जांच कर रही है। हरिरामपुर पुलिस और मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों के अनुसार, यह दुर्गा मंदिर लगभग 14 साल पहले उपजिला के बल्ला संघ के भाटियाखोला बाजार में बनाया गया था। शुक्रवार की सुबह(26 अगस्त) स्थानीय हिंदू श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, तो वहां तोड़फोड़ देखी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। एसपी मोहम्मद गुलाम आजाद उस दिन दोपहर में मौके पर गए। 

पुलिस ने मूर्तियों की मरम्मत कराई
मंदिर प्रबंधन समिति के सलाहकार विपुल चंद्र गुहा ने कहा कि मूर्तियों को आगामी दुर्गा पूजा के लिए बनाया जा रहा था। जिला हिंदू महागठबंधन के महासचिव तापस राजवंशी ने मांग की कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अपराधियों को दंडित किया जाए। ओसी सैयद मिजानुर रहमान ने कहा कि मूर्तियों की मरम्मत करा दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।