Rochak News: 18 साल में 40 हजार टन वजनी पत्थरों को काटकर बनाया गया ये मंद‍िर

 
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आज तक आप सभी ने कई मंदिरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में आज हम आपको बताते हैं। दरअसल यह मंदिर भारत में है और इसकी वास्तुकला को देखकर आप खुश हो सकते हैं। यह एक ऐसा मंदिर है जो किसी अजूबे से कम नहीं है। जी दरअसल हम बात कर रहे हैं एलोरा के कैलाश मंदिर की, जिसे बनने में 18 साल लगे, लेकिन जिस तरह से इस मंदिर को बनाया गया है, उसके होश उड़ जाएंगे.

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वहीं पुरातत्वविदों के अनुसार 4 लाख टन पत्थरों को काटकर इस मंदिर का निर्माण इतने कम समय में संभव नहीं है। उनका कहना है कि अगर 150 साल तक 7 हजार मजदूर दिन-रात काम करें तो ही यह मंदिर बन सकता है, जो असंभव है। हालांकि कहा जाता है कि इस मंदिर को बने 18 साल ही हुए थे। आपको बता दें कि यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एलोरा गुफाओं में है और इस मंदिर को सिर्फ एक चट्टान को काटकर बनाया गया है।

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कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में करीब 40 हजार टन वजन के पत्थरों को काटा गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां एक भी पुजारी नहीं है और यहां आज तक कभी पूजा नहीं हुई। आपको जानकर खुशी होगी कि यूनेस्को ने इस जगह को साल 1983 में ही 'वर्ल्ड हेरिटेज साइट' घोषित कर दिया था। ऐसा कहा जाता है कि इसे बनाने वाले राजा का मानना ​​था कि यदि कोई व्यक्ति हिमालय तक नहीं पहुंच सकता है, तो उसे यहां आकर अपने देवता भगवान शिव के दर्शन करना चाहिए।