विश्व शरणार्थी दिवस की शुरुआत कैसे हुई?

 
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दुनिया भर में शरणार्थियों के साहस और ताकत का सम्मान करने के लिए हर साल 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र इस दिन को उन शरणार्थियों को सम्मानित करने के लिए मनाता है जो अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं। इस दिन का उद्देश्य नए देशों में अपना जीवन व्यतीत करने वाले शरणार्थियों के लिए समझ और सहानुभूति को और बढ़ाना है।

इस वर्ष के विश्व शरणार्थी दिवस की थीम "एक साथ हम चंगा करते हैं, सीखते हैं और चमकते हैं" है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोरोनावायरस बीमारी (COVID-19) महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि हम एक साथ खड़े होकर ही सफल हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में शरणार्थियों को अधिक से अधिक शामिल करने का आह्वान किया है।
 
विश्व शरणार्थी दिवस का इतिहास: विश्व शरणार्थी दिवस पहली बार 20 जून 2001 को 1951 शरणार्थी सम्मेलन की 50 वीं वर्षगांठ पर मनाया गया था। दिसंबर 2000 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में नामित किया।