Health Care Tips: पाइल्स कि समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें !

 
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बवासीर की वजह से मरीज के गुदा और उसके आस-पास सूजन आने लगती है और गांठ हो जाती है। गुदा में सूजन और गांठ की वजह से मरीज को स्टूल के साथ खून आने लगता है। पाइल्स की बीमारी में मरीज को मल के साथ खून आना आम बात है, अगर स्थिति गंभीर हो जाए तो मरीज का उठना बैठना तक दूभर हो जाता है। पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जो आमतौर पर 45 से 65 साल की उम्र के लोगों को होती है। 
* नीम के फलों की गिरी का करें सेवन :
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बवासीर का उपचार करने के लिए नीम के फलों की गिरी का इस्तेमाल करें। नीम के फलों की गिरी में बराबर मात्रा में गुड़ मिलाएं और उसका खाली पेट 10-12 दिनो तक सेवन करें बवासीर के लक्षणों से निजात मिलेगी।
* छाछ का करें सेवन :
छाछ का सेवन करके बवासीर के दर्द को दूर किया जा सकता है। छाछ में भुना हुआ जीरा और नमक डालें और उसका सेवन करें। छाछ सेहत को ठीक रखेगी और पाचन को दुरुस्त करेगी।
* छोटी हरड़ का करें सेवन :
पाइल्स के रोगी इस बीमारी को कंट्रोल करना चाहते हैं तो रोजाना 5-10 ग्राम छोटी हरड़ का सेवन करें। हरड़ का सेवन करने से बवासीर के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
* हल्दी का लेप लगाएं :
औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी बवासीर का बेहतरीन उपचार है। हल्दी का इस्तेमाल उसका लेप बनाकर करें पाइल्स के दर्द से निजात मिलेगी। हल्दी का लेप बनाने के लिए हल्दी में तोरई का रस निकालकर डालें और बवासीर के मस्से पर लगाएं। 8 से 10 दिनों तक इस लेप को लगाने से फायदा होगा।
* मस्सों पर अरंडी का तेल लगाएं :
बवासीर की वजह से एनल के पास मस्से निकल जाते हैं इन मस्सों पर आरंडी का तेल लगाने से बवासीर से होने वाली परेशानी से काफी राहत मिलती है। औषधीय गुणों से भरपूर अरंडी का तेल पाइल्स के दर्द से छुटकारा दिलाएगा।