Health Care Tips: कई लोगो कि आंखों की रोशनी जाने के पीछे हो सकते हैं ये 3 महत्वपूर्ण कारण!

 
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कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनकी आंखें बेहद खूबसूरत होती हैं, लेकिन वे इनसे दुनिया को देख नहीं पाते. आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के करीब 4.3 बिनियन लोग ब्लाइंडनेस ( Blindness ) का शिकार हैं. दूसरी और 29.5 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्हें देखने या आंखों ( Loosing eyesight reasons ) से जुड़ी अन्य समस्याओं ने अपनी चपेट में लिया हुआ है. आंखें हमारे शरीर ही नहीं लाइफ का वो हिस्सा होती हैं, जिनके बिना एक बेहतर जिदंगी की कल्पना नहीं की जा सकती. बचपन से ही अंधेपन ( Blind ) के शिकार लोगों को जीवन जीने में कई कठिनाइयां आती हैं, लेकिन वे इसके आदी हो जाते हैं. स्थिति तब भयावह हो जाती है, जब किसी की आंखों की रोशनी किन्हीं कारणों से छिन जाए। अचनाकसे आंखों में आया अंधापन प्रभावित व्यक्ति की लाइफ को पूरा बदल देता है. कुछ लोग इसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं और वह अपना बड़ा नुकसान तक कर लेते हैं। इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे ऐसे कारणों के बारे में जिनकी वजह से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। आइए जानते है इन कारणों के बारे में विस्तार से -
1. ग्लूकोमा के कारण :
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हमारे शरीर में मौजूद ऑप्टिक नर्व सूचनाएं और चित्रों को दिमाग तक पहुंचाती हैं. अगर आप ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद से ग्रस्त हैं, तो ये बीमारी ऑप्टिक नर्वकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. ग्लूकोमा का कोई लक्षण दिखता नहीं है, लेकिन इसकी वजह से भी आंखों की रोशनी छिन सकती है. इसका शुरू में असर नहीं दिखता, लेकिन एक समय पर चक्कर, जी मचलाना, धुंधलापन, चारों ओर रंगीन छल्ले दिखना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. मोतियाबिंद की वजह से :
इसे अंधेपन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. मोतियाबिंद से ग्रस्त व्यक्ति के आंख के लेंस पर लोड पड़ने के दौरान वह रेटिना को प्रभावित करने लगता है. मोतियाबिंद के होने पीछे डायबिटीज, बढ़ती उम्र, शराब का सेवन जैसी समस्याएं कारण हो सकती हैं. अगर आप मोतियाबिंद का शिकार हैं और आपको डायबिटीज भी है, तो ये कंडीशन आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है. शुगर को कंट्रोल करके जल्द के जल्द ऑपरेशन करवाएं।
3. वेट-एएमडी :
ज्यादातर लोग या बच्चे अपना अधिकतर समय पढ़ते-लिखते, फोन या टीवी को देखकर निकालते हैं. वहीं कुछ लोगों को कामकाज के चक्कर में ज्यादा समय लैपटॉप या किसी अन्य स्क्रीन पर निकालना पड़ता है. ऐसे में अगर किसी को बीच में डार्क स्पॉट दिखाई दे, तो उसे एलर्ट हो जाना चाहिए. इस कंडीशन में रेटिना के नीचे एक ब्लड वेसल बन रही है, जो रिसाव की वजह बन सकती है. इसे वेट-एएमडी के नाम से जाना जाता है. ये आंखों की रोशनी छीन सकता है।