Health Care Tips: इन समस्याओं से पीड़ित लोगों को नहीं करना चाहिए छाछ का ज्यादा सेव

 
Dil
छाछ को दही से बनाया जाता है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं. इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन बी 12 और मिनरल्स आदि होते हैं. ये हमारे (Buttermilk) सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. छाछ में प्रोबायोटिक लैक्टिक एसिड होता है. ये पाचन तंत्र (Side Effects of Buttermilk) को स्वस्थ रखता है. 
 गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए हम कई तरह के फूड्स का सेवन करते हैं. पानी से भरपूर फल और सब्जियों के अलावा हम कई तरह के ट्रेडिशनल ड्रिंक्स का सेवन भी करते हैं. इसमें छाछ भी शामिल है. छाछ त्वचा संबंधित कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. ये चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मदद करता है. लेकिन इसका सेवन कुछ स्थिति में नुकसान भी पहुंचाता है। इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे की किन - किन लोगो को छाछ का ज्यादा सेवन नही करना चाहिए। आइए जानते है -
1. बुखार के दौरान ना करे छाछ का सेवन :
छाछ की तासीर ठंडी होती है. बुखार में ठंडी और खट्टी चीजों को खाने के लिए मना किया जाता है. इस स्थिति में इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है. इसलिए बुखार में इसका सेवन करनी की सलाह नहीं दी जाती है।
2. सर्दी और खांसी :
अगर आप सर्दी, खांसी और गले में खराश की समस्या से पीड़ित हैं तो आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए. इस कारण स्थिति और भी खराब हो सकती है. रात के समय इसका सेवन करने से बचें।
3. ड्राई स्किन :
Skin
बहुत लोग चेहरे पर छाछ का इस्तेमाल करते हैं. इसमें कई तरह के एसिड होते हैं. ये त्वचा से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इस कारण स्किन पर जलन, खुजली या कोई अन्य समस्या हो सकती है. रूसी को समस्या को रोकने के लिए भी बहुत से लोग छाछ का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसका अधिक इस्तेमाल करने से बालों को नुकसान भी हो सकता है।
4. किडनी और एग्जिमा :
अगर आप किडनी से संबंधित किसी समस्या से परेशान हैं तो इसका सेवन करने से बचें. एग्जिमा होने पर भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
5. जोड़ों के दर्द के दौरान :
बहुत से लोग हड्डियों से संबंधित समस्याओं से परेशान रहते हैं. इसमें जोड़ों का दर्द होना, अर्थराइटिस या मांसपेशियों में दर्द आदि होना शामिल है. ऐसे में छाछ का सेवन नहीं करना चाहिए. छाछ का सेवन करने से जोड़ों में अकड़न की समस्या हो सकती है।
6. हृदय के रोगी को :
छाछ में सैचुरेटेड फैट होता है. ये हृदय रोग से पीड़ित लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करता है. ऐसे लोग जिनमें पहले से कोलेस्ट्रॉल लेवल अधिक है उन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।