Hair Care Tips: अगर आपके भी कम उम्र में हो गए है बाल सफेद तो इस एक चीज का करे इस्तेमाल

 
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अगर कम उम्र में बालों में सफेदी आने लगे तो ये टेंशन की बड़ी वजह बन जाता है, पहले 40 से 45 उम्र के पार लोगों के बाल सफेद होते थे, लेकिन अब यंग एज ग्रुप के लोगों को भी ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बालों को सफेद होने से बचाने के लिए हमें कोई महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी. आयुर्वेद में इसका खजाना छिपा हुआ है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे ऐसी एक चीज जिसकी वजह से आपके बाल लंबे वक्त तक डार्क रहेंगे और ये सिल्की और शाइनी भी बनेंगे। उस चीज का नाम है। "जटामांसी" । जटामांसी (Jatamansi) नामक जड़ी बूटी से न सिर्फ बाल हेल्दी और स्ट्रॉन्ग बनेंगे, बल्कि इससे सफेद बालों का खतरा भी कम हो जाएगा।
* जटामांसी का तेल है बालों के लिए बेहद फायदेमंद :
जटामांसी (Spikenard) एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसके तेल का इस्तेमाल किया जाए तो बालों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. जटामांसी की जड़ों से इसका तेल निकाला जाता है. इसे आप डायरेक्ट इस्तेमाल कर सकते हैं. हलांकि इसके साथ आंवला, भृंगराज और ब्राह्मी को मिला लिया जाए तो इसका असर और ज्यादा बेहतर हो जाता है. इस तेल के जरिए बालों को बेहतर पोषण मिलता है और हेयर फॉल क समस्या भी दूर हो जाती है।
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* कंट्रोल में रहेगा सीबम का प्रोडक्शन :
बालों जड़ों से सीबम का प्रोडक्शन होता है, जो हेयर ग्रोथ के लिए काफी अहम है, अगर प्रदूषण या केमिकल प्रोडक्ट्स की वजह से ये ज्यादा या कम बनने लगे तो इसके लिए जटामांसी का इस्तेमाल जरूर करें. इससे कमजोर बालों को गजब की मजबूती मिलती है।
* कम उम्र में नहीं होंगे बाल सफेद :
अगर आप चाहते हैं कि कम उम्र में बाल सफेद न हों तो जटामांसी के तेल (Jatamansi Oil) से रेगुलर सिर पर मालिश करें करें, क्योंकि आजकल 25 से 30 के उम्र में बाल पकने शुरू हो जाते हैं और ये तेल आपकी चिंता को दूर कर सकता है।
* जटामांसी का पाउडर भी लाभकारी :
जटामांसी (Jatamansi) का तेल उपलब्ध न हो तो इसके पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. जटामासी को पाउडक को नीम के तेल या नारियल तेल के साथ मिलाकर सिर पर लगा सकते हैं. कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा।