कांता कैसे बनीं निरूपा रॉय, 'द मदर ऑफ बॉलीवुड', जब लोग उन्हें देवी मानकर पूजने लगे

 
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निरूपा रॉय को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। फिल्मों में मां का रोल कर एक्ट्रेस लोकप्रिय हुईं। एक समय था जब वह हर तस्वीर में लीड एक्ट्रेस की मां के रूप में होती थीं। उनका जन्म 4 जनवरी को हुआ था। उनके जन्मदिन पर एक नजर उनके दिलचस्प सफर पर।

निरूपा रॉय की शादी कमल से हुई थी। उसका असली नाम कांता था। कमल अभिनेता बनना चाहते थे, इसलिए युगल मुंबई चले गए। एक दिन उन्होंने अखबार में एक गुजराती प्रोडक्शन हाउस का विज्ञापन देखा। कमल ने इंटरव्यू दिया, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। लेकिन उनकी पत्नी कांता जो साथ गई उन्हें फिल्म रणकदेवी में महिला प्रधान भूमिका की पेशकश की गई। सनराइज पिक्चर्स के मालिक ने भी कांता का नाम बदलकर निरूपा रॉय रख दिया। उनकी शादी 15 साल की उम्र में कमल रॉय से हुई थी। शादी के बाद निरूपा रॉय मुंबई पहुंचीं। उनके दो बेटे हुए- योगेश और किरण। निरूपा रॉय का असली नाम कोकिला किशोरचंद्र बुलसारा है। फिल्म उद्योग में प्रवेश करने के बाद निरूपा राय ने अपना नाम बदल लिया।


यह नाम इतना मशहूर हुआ कि निरूपा रॉय के पति ने भी अपना सरनेम बदलकर रॉय रख लिया। निरूपा रॉय ने शुरुआती दौर में ग्लैमरस रोल भी किए लेकिन उन्हें पहचान मां के रोल से मिली। निरूपा 'बॉलीवुड की मां' हैं। निरूपा रॉय ने पहले ऐसी फिल्में कीं जो या तो हिंदू पौराणिक कथाओं पर आधारित थीं, या ऐतिहासिक चरित्रों पर। जैसे हर हर महादेव, नागपंचमी, शिवकन्या, अमर सिंह राठौड़, रानी रूपमती और रजिया सुल्तान।

अभिनेत्री ने बेदार ज़माना, दो बीघा ज़मीन, घर का मोदी, कंगन जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया। निरूपा रॉय का जन्म गुजरात में हुआ था। उन्होंने 16 फिल्मों में देवी का किरदार निभाया। देवी के किरदार में निरूपा रॉय ने ऐसी छाप छोड़ी कि लोग उन्हें साक्षात देवी मानने लगे। इतना ही नहीं लोग उनके घर जाकर उनके पैर छूते थे और भजन गाते थे। 50 के दशक में निरूपा रॉय धार्मिक फिल्मों की क्वीन मानी जाती थीं।