B'day Spl: प्रसून जोशी करियर की शुरुआत में लिखते थे जिंगल, आज हैं बॉलीवुड के मशहूर गीतकार

 
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जिंगल किंग के नाम से मशहूर प्रसून जोशी गाने और डायलॉग लिखने के लिए सुपरहिट हैं

आज प्रसून जोशी का जन्मदिन है। आज यानी 16 सितंबर को वह अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं. आपको बता दें कि वह हिंदी सिनेमा के मशहूर लेखक और गीतकार हैं। जी हां उनका जन्म साल 1971 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। वे हमेशा कवि बनना चाहते थे। दरअसल, प्रसून जोशी ने फिजिक्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया और फिर एमबीए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने करीब 10 साल तक दिल्ली स्थित एक कंपनी में काम किया। वहीं 10 साल के अंदर उन्हें ओएंडएम के मुंबई ऑफिस में 'एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर' के तौर पर नियुक्त किया गया।

हालांकि इसके बाद साल 2002 में प्रसून जोशी अंतरराष्ट्रीय विज्ञापन कंपनी 'मैककैन-एरिक्सन' से जुड़ गए और यहां कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया। बहुत कम लोग जानते हैं लेकिन प्रसून जोशी को 'जिंगल किंग' भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 90 के दशक के ज्यादातर जिंगल प्रसून जोशी ने लिखे थे। चाहे वह कोका-कोला के लिए 'ठंडा मैटलैब कोका कोला' हो या क्लोरमिंट के लिए 'सइयां मोर गप्पी, देते नहीं पप्पी'। जी दरअसल उन्होंने कई ब्रांड्स के लिए कई जिंगल और टैगलाइन लिखी हैं और इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. उन्होंने राजकुमार संतोषी की फिल्म 'लज्जा' के लिए गीतकार के रूप में अपना पहला गीत लिखा था। जी हाँ और अगर आपको याद हो तो ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी.

इसके बाद प्रसून जोशी को कई फिल्मों के लिए गाने लिखने का ऑफर मिला। आपको बता दें कि उन्होंने 'फना', 'रंग दे बसंती', 'तारे जमीन पर', 'ब्लैक' और 'दिल्ली 6' जैसी कई फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। प्रसून जोशी को अब तक दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। दरअसल उन्हें यह अवॉर्ड पहली बार साल 2008 में फिल्म 'तारे जमीन पर' के गाने के लिए मिला था और दूसरी बार साल 2013 में दिया गया था. इसके अलावा उन्होंने फिल्म 'रंग दे बसंती' से डायलॉग राइटिंग की शुरुआत की थी. . प्रसून जोशी ने फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' लिखी, जिसने कई पुरस्कार जीते। आज उनके काम की काफी तारीफ हो रही है।