यहां मिल रही है सबसे ज्यादा सब्सिडी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की इस साल रहेगी धूम

 
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नई दिल्ली. सोसाइटी ऑफ मैन्यूफैक्चर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) की ओर से बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। भारत में इस वर्ष करीब दस लाख पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री होने की उम्मीद है जो बीते 15 वर्ष में बिके इस श्रेणी के कुल वाहनों के बराबर है। 2020 में यह आंकड़ा 1,00,736 वाहन था। 2021 में इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों की बिक्री दो गुनी बढ़कर 2,33,971 वाहन हुई। 
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 बीते 15 वर्ष में कुल मिलाकर दस लाख इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया वाहन, इलेक्ट्रिक कार और ई-बसों की बिक्री हुई। एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में बीते कुछ महीने बहुत बढ़िया रहे। गिल ने कहा कि आकर्षक कीमतों, कम लागत और देखरेख में आने वाले कम खर्च के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक दो पहिया पेट्रोल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों का रूख कर रहे हैं। इतनी ही संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री जनवरी 2022 से शुरू करते हुए सालभर में होगे की उम्मीद है। केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकारें भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सब्सिडी दे रही है। जिसमें सबसे ज्यादा सब्सिडी महाराष्ट्र सरकार की ओर से दी जाती है। अगर आप महाराष्ट्र में टाटा नेक्सॉन या टिगोर ईवी खरीदते हैं तो आपको 2 लाख 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
* महंगाई और पेट्रोल की बढ़ी कीमत बड़ी वजह 
देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती डिमांड के पीछे ट्रेड एक्सपर्ट का मानना है कि, पेट्रोल-डीजल वाहनों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का मेंटेनेंस काफी कम होता है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल्स प्रति किमी पेट्रोल-डीजल वाहनों की अपेक्षा कम खर्च पर यूज किए जा सकते हैं। जिस वजह से लोगों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है।
FAME II सब्सिडी में मिल रही हैं कई सहूलियत 
केंद्र सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ाना देने के लिए फेम-2 सब्सिडी शुरू की गई थी। जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 15 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सब्सिडी दी जाती है। जिसके चलते लोगों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पेट्रोल और डीजल वाहनों की अपेक्षा काफी सस्ते पड़ रहे हैं।