बजरंग बली के इस मंदिर में भक्तों की अटूट आस्‍था, चमत्कारी हनुमान जी के दर्शन से जूड जाती हैं टूटी हुई हड्डी

Tuesday, 07 Aug 2018 10:52:34 AM
बजरंग बली के इस मंदिर में भक्तों की अटूट आस्‍था, चमत्कारी हनुमान जी के दर्शन से जूड जाती हैं टूटी हुई हड्डी
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वेब डेस्‍क। सनातन धर्म में भगवान शिव का एक विशेष महत्‍व हैं जबकि कलयुग में इनके रोद्र रूप बजरंग बली की विशेष पूजा की जाती हैं। बजरंग बली भगवान श्रीराम के बेहद निकट थें वहीं इनके अमरत्‍व के वरदान से जूडी कहानियां भी काफी प्रचलन में रही हैं। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम के आदेश और अपार शक्तियों के कारण बजरंग बली कलयुग में भी मौजुद हैं। जब तक‍ संसार में भगवान राम की पूजा होती रहेगी तब तक बजरंग बली इस युग में मौजुद रहेंगें। भगवान राम के लाडले हनुमान जी अपार शक्तियों के चलते सभी लोगो का कल्‍याण करते हैं। इनके नाम मात्र से ही दुखियारों की सारी विपदाएं दूर होने लगती हैं। कलयुग में भगवान बजरंग बली के कुछ स्‍थाना इनकी अद्वितीय शक्तियों के कारण जाने जाते हैं। ऐसा ही एक स्‍थान हैं मध्य प्रदेश के कटनी जिले में, आईये जानते हैं इस मंदिर की अद्वितीय शक्तियों के बारें में-

पौराणिक काल में संजीवनी बूटी का उल्‍लेख कई जगह मिलता हैं और कहा जाता हैं कि ये ऐसी जडी-बूटी हैं जो इंसान को वापस जिंदा कर सकती हैं। इस जूडी- बूटी का उल्‍लेख या मान्‍यता इस मंदिर से भी जूडी हुई हैं। मध्य प्रदेश राज्‍य के  कटनी जिले में स्थित बजरंग बली का यह मंदिर बेहद चमत्‍कारिक हैं। मान्‍यताओं के अनुसार यहां आने वाले भक्‍तों की पुकार बजरंग बली जरूर सुनते हैं। ये मंदिर मध्‍यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 365 किलोमीटर दूरी पर स्थित कटनी जिले में हैं। इस जिले की रीठी तहसील के अंतर्गत आने वाले मुहास नाम के गांव में बजरंग बली का ये दिव्‍य धाम स्थित हैं। इस मंदिर की चमत्‍कारिक शक्तियों के चलते यहां की विभिन्‍न मान्‍यताएं हैं। यहां के लोगो का मानना हैं कि यहां अगर कोई भी इंसान टूटी हुई हड्डियों के साथ आता हैं तो उसकी हड्डियां खूद-ब-खूद जूड जाती हैं।

यहां की मान्‍यताओं के अनुसार जिस प्रकार रामायण काल में बजरंग बली संजीवनी लेकर आयें थें और लक्ष्‍मण जी की रक्षा की थी ठीत उसी तरह वें यहां भक्‍तों की रक्षा करते हैं और उन्‍हें संजीवनी प्रदान करते हैं। यहां अगर कोई टूटी हडडी का इंसान आता हैं तो भगवान के स्‍मरण के साथ-साथ उसकी आंखें बंद करवा दी जाती हैं और मंदिर की पुजारी द्वारा एक औषधि दी जाती हैं। इस औषधि को बजरंग बली के नाम का स्‍मरण करते हुए लेना होता हैं। इसे अच्‍छी तरह चबाने की सला दी जाती हैं और कहा जाता हैं कि इसी से उस इंसान की टूटी हुई हडडी जूड जाती हैं। इसी के अलावा कई दुखों में भी यहां बजरंग बली भक्‍तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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