5 दिसंबर: आज ही के दिन STD ने दूर बैठे दो दिलों को आपस में मिलाया

Wednesday, 05 Dec 2018 10:12:22 AM
5 दिसंबर: आज ही के दिन STD ने दूर बैठे दो दिलों को आपस में मिलाया

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इंटरनेट डेस्क। आज के इस टेक्नोलॉजी के जमाने में हम भले ही चंद सेकंडों में लंबी दूरी बैठे लोगों से बात कर सकते है लेकिन आपको बता दें, यह सेवा 63 साल पुरानी है। जी हाँ, आज (पांच दिसंबर) ही के दिन साल 1955 में ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने बिना ऑपरेटर की सहायता से फोन कॉल कर इसकी शुरुआत की थी। उस समय वह ब्रिस्टल में थीं और उन्होंने एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड की राजधानी) के राजा प्रोफॉस्ट को फोन किया था।


आपको जानकारी में बता दें, उनके पहले शब्द थे, 'दिस इज द क्वीन स्पीकिंग फ्रॉम ब्रिस्टल. गुड आफ्टरनून, माई लॉर्ड प्रोफॉस्ट।' दोनों की बीच बातचीत दो मिनट तक चली और वो बिना ऑपरेटर की सहायता से की गई थी, इसलिए इसे सब्सक्राइबर ट्रंक डायलिंग (एसटीडी) कहा गया। 

बता दें, ऐसा पहली बार था कि ये इतनी तेजी से कोई फोन कनेक्ट हुआ हो और एक राज्य से दूसरे राज्य में बैठे शख्स से बातचीत हुई हो। इसके बाद हर एक स्टेट का कोड दिया गया। हालांकि STD सेवा को पूरी दुनिया में लागू होने में तकरीबन 21 वर्ष का वक्त लग गया और 1979 से यह सेवा आम हो गई। 

वहीं भारत में STD सेवा की शुरुआत साल 1960 से हुई। पहली कॉल कानपुर और लखनऊ के बीच की गई। इससे 'ट्रंक कॉल' के लिए ऑपरेटर की सहायता लेनी बंद होने लगी। इसके बाद एसटीडी का विस्तार हुआ और  इंटरनेशनल डायरेक्ट डायलिंग (आईएसडी) 8 मार्च, 1963 को लंदन के उपभोक्ताओं ने बिना ऑपरेटर के पेरिस फोन किया था, जिसे ISD कॉल नाम दिया गया।

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