loading...

इंदिरा गांधी को अपनी मौत का पहले से ही अंदाजा था, आखिरी भाषण में उन्होंने ऐसा कहा था

Wednesday, 09 Oct 2019 09:55:20 AM

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

loading...

इंदिरा गांधी वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 बार भारत की प्रधानमंत्री रहीं और फिर 1984 में उनकी राजनीतिक हत्या तक चौथी पारी से भारत की प्रधान मंत्री रहीं।

वह जो भी निर्णय लेती थी, वह उन्हें बहुत साहस के साथ लेती थी और उन्हें लागू करने की ताकत भी रखती थी। वह इतनी शक्तिशाली नेता थीं कि उनके बोलने पर पूरा भारत उनका भाषण सुनता था।

31 अक्टूबर 1984 को, उनके दो अंगरक्षकों द्वारा उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों ने एक या दो नहीं बल्कि 25 गोलियां इंदिरा गांधी को मारीं। इससे पहले, उन्होंने भुवनेश्वर में एक भाषण दिया था और कहा कि अपने भाषण में उन्होंने कहा कि मैं आज यहां हूं, मैं कल नहीं रह सकती।

मुझे परवाह नहीं है कि मेरा जीवन लंबे समय तक नहीं रहेगा लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने अपना जीवन देश की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी। मेरे शरीर के रक्त का प्रत्येक कतरा देश को समर्पित है। इंदिरा गांधी के इस भाषण को सुनकर हर कोई हैरान था कि वह ऐसा क्यों कह रही है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसे अपनी मौत का एहसास कहीं न कहीं पहले भी हो चुका था।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


loading...