हिंदी दिवस 2018: इसलिए 14 सितंबर को मनाया जाता है राष्ट्रभाषा का दिन

Friday, 14 Sep 2018 10:33:50 AM
हिंदी दिवस 2018: इसलिए 14 सितंबर को मनाया जाता है राष्ट्रभाषा का दिन
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नई दिल्ली। देश में अंग्रेजी भाषा के बढ़ते चलन और हिंदी को खतरे में देखते हुए हर साल 14 सितंबर के दिन को देशभर में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था और इसके बाद से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। आज के समय में हिंदी दुनिया भर में पसंद और पढ़ाई जाने लगी है। वहीं आज स्मार्टफोन में हिंदी भाषा का ऑप्शन दिया जाने लगा है। यहीं नहीं हिंदी भाषा के लिए आज कई तरह के ऐप्स भी आ रहे है। तो आइए जानते हैं हिंदी दिवस कब से मनाया जाने लगा। 

- हिंदी को सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन राष्ट्रभाषा का दर्जा मिला था । जिसके बाद हर साल इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश जब साल 1947 में अंग्रेजों की हुकूमत से आजाद हुआ था तो देश के सामने भाषा को लेकर सबसे बड़ा एक सवाल खड़ा था । सवाल यह था कि भारत की राष्ट्रभाषा कौन सी होगी । 

- इस सवाल ने महान विशेषज्ञो को हैरानी में डाल दिया। इस पर काफी विचार करने के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा के रूप में चुना गया । संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया ।

- हिंदी भाषा की सबसे खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस प्रकार से उच्चारित किया जाता है , उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है। आपको बता दें देश के 77 फीसदी लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं । कई सरकारी कामों में हिंदी का ही इस्तेमाल किया जाता है । 

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