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नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा देवी को करें प्रसन्न, ऐसे करें पूजा

Friday, 12 Oct 2018 08:21:10 AM

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धर्म डेस्क। नवरात्र के दिनों में मां की जय-जयकार हर तरफ सुनाई दे रही है। इन दिनों में मां के अलग-अलग स्वरूपों की साधना की जाती है। आज शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन है। इस दिन मां के तीसरे तीसरे स्वरूप की यानि मां चंद्रघंटा देवी की पूजा होती है। देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्ध चंद्र विराजमान होने के कारण इनका नाम चंद्रघंटा देवी हुआ। आज के दिन मां चंद्रघंटा देवी की पूजा करने से मन को अलौकिक शांति प्राप्त होती है। 

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मां चंद्रघंटा देवी का वाहन सिंह है। इनकी दस भुजाएं और तीन आंखें हैं। दसों भुजाएं विभिन्न अस्त्र और शस्त्र से सुसज्जित हैं। जिन लोगों के मन में किसी तरह का भय होता है मां उन्हें भय से मुक्ति और अपार साहस प्रदान करती है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार इनका संबंध मंगल ग्रह से होता है। मां असुर शक्तियों के विनाश के लिए हमेशा तत्पर रहती है। अपने भक्तों की रक्षा के लिए मां हमेशा भक्तों की सुनती है। इसलिए इन्हें पापों की विनाशिनी कहा जाता है। 

इनके दर्शन से भक्तों का हर तरह से कल्याण होता है। इनकी पूजा करने से मन को शांति मिलती है। पूजा में मां को लाल फूल, लाल सेब और गुड़ चढाएं। इसके बाद घंटा बजाकर पूजा करें। मां को प्रसन्न करने के लिए ढोल और नगाड़े बजाकर पूजा और आरती करें। इस दिन गाय के दूध का प्रसाद चढ़ाने का विशेष विधान है। आरती के बाद मां के इस मंत्र का जाप करें।

इनका ध्यान मंत्र है।

पिंडजप्रवरारूढ़ा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं  .. चंद्रघंटेति विश्रुता।।

 

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