जानिए आखिर दीपावली के बाद ही क्यों मनाया जाता है भाई दूज का पर्व 

Friday, 09 Nov 2018 02:03:58 PM
जानिए आखिर दीपावली के बाद ही क्यों मनाया जाता है भाई दूज का पर्व 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

धर्म डेस्क। हमारे हिंदू धर्म में एक साल में बहुत सारे त्योहार मनाए जाते हैं और इन त्यौहारों का अपना-अपना अलग ही महत्व होता है। इन त्यौहारों में दीवाली का त्यौहार भी एक है जिसकी तैयारियां त्यौहार के बहुत दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। दीवाली के बाद भी त्यौहारों का सिलसिला चलता रहता है क्योंकि दीवाली के दो दिन बाद भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है।



रोज सुबह-सुबह 10 से 15 मिनट तक ये काम करने से कभी नहीं होगी कई बीमारियां
भाई दूज 2018 : जानिए भाई दूज का महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

भाई दूज हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है जो भाई और बहन के प्यार का प्रतीक होता है। रक्षा बंधन की तरह ही भाई दूज के त्यौहार का भी एक अलग महत्व है। भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन मनाया जाता है। इस साल भाई दूज का त्यौहार 9 नवम्बर को मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते है कि भाई दूज का त्यौहार दीवाली के बाद ही क्यों मनाया जाता है।



शास्त्रों के अनुसार भगवान सूर्य नारायण की पत्नी छाया ने यमराज और यमुना को जन्म दिया था। यमराज अपनी बहन से मिलने बहुत कम ही जा पाते थे लेकिन एक बार यमुना ने निश्चित कर लिया कि यम को भोजन करने आना ही होगा। इसके बाद यम को यमुना से मिलने आना ही पड़ा, क्योंकि वे अपनी बहन के वचन में बंधे हुए थे। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की की दूसरी तिथि को यमराज यमुना के घर पहुंचे और इसके बाद यमुना ने स्नान करके पूजा किया फिर यमराज को भोजन कराया।

फिर यमुना ने कहा कि आप हर साल इसी दिन मेरे घर आया करिए और मेरी तरह ही हर बहन को ऐसा अधिकार दीजिए। ऐसा माना जाता है कि इस पर्व को मनाने वाले भाई-बहनों का साथ और प्यार हमेशा बना रहता है।
 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures