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नवरात्र में कन्या के साथ इसे भी भोजन कराने से माता होती है प्रसन्न

Thursday, 11 Oct 2018 04:40:44 PM

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धर्म डेस्क। नवरात्र के अंतिम दिन कन्याओं को भोजन कराने से पुण्य मिलता है। सप्तमी से ही कन्या पूजन शुरू हो जाता है। 9 कन्याओं को घर बुलाकर उनका स्वागत किया जाता है। इन 9 कन्याओं को 9 देवियों का रूप माना जाता है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कन्याओं को भोजन कराया जाता है। नवरात्र के दौरान कन्या पूजन का खास महत्व होता है। हिंदू मान्यता के अनुसार कन्या भोजन कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है। 

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कन्या पूजन में कन्या को भोजन कराने से पुण्य मिलता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कन्या के साथ एक ऐसे इंसान को भी भोजन कराना चाहिए जो मां का रक्षक है। अगर इसको भोजन नहीं कराया तो पुण्य नहीं मिलता। आपको बता दें कि कन्या के साथ एक बालक को भी भोजन कराना जरूरी है। 

हिंदू धर्म में बालक को बटुक का रूप माना जाता है। मां की रक्षा के लिए हर मंदिर में भगवान शिव ने अपने स्वरूप भैरव को बैठाया है। ऐसा माना जाता है कि देवी की शक्तिपीठ की स्थापना के लिए भगवान शिव स्वंय पृथ्वी पर आए थे और उन्होनें अपने स्वरुप भैरव को मां के हर दरबार में बिठाया। 

इसलिए कन्या के साथ हमेशा एक बालक को भी भोजन कराने से पुण्य मिलता है। छोटे बालक की भी कन्या के साथ पूजा की जाती है। खाना खिलाने के बाद कन्या के साथ बालक को भी उपहार देकर विदा करें। 

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