महात्मा गांधी की इच्छा थी की जिन्ना बने PM, लेकिन नेहरू नहीं चाहते थे: दलाई लामा

Thursday, 09 Aug 2018 08:35:00 AM
महात्मा गांधी की इच्छा थी की जिन्ना बने PM, लेकिन नेहरू नहीं चाहते थे: दलाई लामा
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हमेशा दुनियाभर में अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा एक बार फिर सुर्खियों में है । हाल ही में दलाई लामा ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसके बारे में जानकर पाकिस्तान और हिंदुस्तान की राजनीति में भूचाल आ सकता है । दलाई लामा ने हाल ही में पाकिस्तान के पहले पहले गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर खुलासा किया है ।  

दलाई लामा ने कहा कि देश के पहले जवाहर लाल नेहरू की जगह अगर मोहम्मद अली जिन्ना को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया होता तो आज भारत और पाकिस्तान एक होते और बंटवारा नहीं होता। लामा ने कहा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना देश के शीर्ष पद पर बैठे, लेकिन पहला प्रधानमंत्री बनने के लिए जवाहरलाल नेहरू ने 'आत्म केंद्रित रवैया' अपनाया । गोवा प्रबंध संस्थान के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने यह बात कही है । उनकी इस बात से राजनीति हड़कंप मच सकता है । 

83 वर्षीय लामा ने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत ठीक होती है । सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है।' उन्होंने कहा, 'अब भारत की तरफ देखें, मुझे लगता है कि महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री का पद देने के बेहद इच्छुक थे, लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया ।'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जवाहर लाल नेहरू का प्रधानमंत्री के रूप में आत्म केंद्रित रवैया था। अगर महात्मा गांधी उस बात को मान लिया जाता, तो भारत और पाकिस्तान का कभी बटवाया नहीं होता ।' उन्होंने कहा, 'मैं पंडित नेहरू को बहुत अच्छी तरह जानता हूं । वो बेहद अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कई बड़ी गलतियां की है ।'

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