loading...

55 साल में पहली बार किसी महिला वैज्ञानिक को भौतिकी में मिला नोबेल पुरस्कार

Wednesday, 03 Oct 2018 10:02:18 AM

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

इंटरनेट डेस्क। नोबेल पुरस्कार पाने का सपना कई लोगों का होता है लेकिन इसे पाने के लिए दिन-रात मेहनत की जरुरत होती है। यह पुरस्कार हासिल करने के लिए हजारों वैज्ञानिक रिसर्च करते रहते हैं। इसमें सफलता किसी-किसी को ही मिल पाती है। हाल ही में कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड को नोबले पुरस्कार के लिए चुना गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन्हें भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा। भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली यह तीसरी महिला है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 55 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला वैज्ञानिक को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला है।

loading...

पाकिस्तान को कर्ज से उभारने के लिए इमरान खान उठाने जा रहें है ये कदम

मीडिया जानकारी के अनुसार ‘ऑप्टिकल लेजर’ का आविष्कार करने वाले तीन वैज्ञानिकों को 2018 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से नवाजे जाने की मंगलवार को घोषणा की गई। इसी में डोना स्ट्रिकलैंड का भी नाम शामिल है। भौतिकी का नोबेल 1901 में शुरू किया गया था। तब से महिला वैज्ञानिक को केवल तीन बार ही यह पुरस्कार मिला।

कुवैती डेलीगेट का पर्स चुराते हुए पकड़ा गया पाकिस्तानी अधिकारी, वीडियो हुआ कैमरे में कैद

आपको बता दें कि इससे पहले मैरी क्यूरी को 1903 और मारिया गोपर्ट-मेयर ने 1963 में भौतिकी का नोबेल जीता था। मोउरो और डोना ने मिल कर ‘‘अल्ट्रा शार्ट पल्सेस’’ पैदा करने वाली एक पद्धति विकसित की. ये मानव द्वारा अब तक बनाई गई सबसे छोटी और सबसे तेज लेजर पल्सेज हैं. उनकी तकनीक का इस्तेमाल अब नेत्र शल्य चिकित्सा में किया जा रहा है।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


loading...