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ट्रम्प ने खारिज किये भारतीय IT कंपनियों के H-1B वीजा बढ़ाने के आवेदन

Tuesday, 12 Mar 2019 10:53:37 AM

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नई दिल्ली। एक तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने "मेक इन इंडिया" प्रोजेक्ट की दुनिया भर में गाथा गा रहे है वहीं दूसरी तरफ भारतीय आईटी कंपनियां पर यह स्कीम भारी पड़ रही है। जी हाँ, एक बार फिर भारतीय IT कंपनियों के H-1B वीजा बढ़ाने के आवेदन खारिज किये गए है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत या इन आईटी कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए एच-1बी वीजा एक्सटेंशन के अनुरोध सबसे ज्यादा खारिज किए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर इन्फोसिस और टीसीएस पर पड़ा है।

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ऐसी खबरे है कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि अब वह अमरीकी कंपनियों को ज्यादा तरजीह देंगे। जिसकी वजह से अमेरिका ने H-1B वीजा नियमो ओर ज्यादा सख्त बना दिया है। 

ख़ारिज हुए आवेदन के आकड़े आये सामने
एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 के दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कॉग्निजेंट और इन्फोसिस के H-1B वीजा एक्सटेंशन के अनुरोध सबसे ज्यादा खारिज हुए है, इसमें इन्फोसिस के 2042 और टीसीएस के 1744 आवेदन खारिज किए गए। खबरे है कि ये आंकड़े एक अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज ने एच-1बी डेटा की एनालिसिस के बाद जुटाए हैं। 

अप्रैल से लागू नया नियम
आपको जानकारी में बता दें, अप्रैल में अमेरिका का एक नया नियम जारी होने जा रहा है, जो जनवरी में पेश किया गया था इस नियम के तहत पहले 65000 एच-1बी वीजा की लॉटरी के लिए यूएस एडवांस्ड डिग्री होल्डर्स के वर्क वीजा आवेदनों को भी शामिल किया जाएगा। इससे उन अमेरिकी कंपनियों को काफी बड़ा फायदा होगा, जो भारतीय टैलेंट की तलाश में हों।

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