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FASTag से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को जानें, बहुत लाभ मिलता है

Saturday, 30 Nov 2019 03:57:00 PM

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केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर से टोल पर कर संग्रह के लिए FASTag को अनिवार्य कर दिया है। अब इसके जरिए टोल टैक्स वसूला जाएगा। वर्तमान में, FASTag को टोल पर नि: शुल्क वितरित किया जा रहा है। 1 दिसंबर तक अगर कोई भी इस FASTag को अपनी कार में नहीं डालता है, तो उन्हें दो बार टोल का भुगतान करना होगा। दूसरी ओर, यदि किसी टोल पर स्कैनर में कोई खराबी है और FASTag को स्कैन करने में सक्षम नहीं है, तो ड्राइवर को कोई पैसा नहीं देना होगा। चालक मुफ्त में टोल पास कर सकेगा। हम आपको बता रहे हैं FASTag से जुड़ी खास बातें


FASTag: यह एक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है जो वाहन के विंडशील्ड पर लगाया जाता है ताकि प्लाजा पर सेंसर वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने पर FASTag को पढ़ सके। वहां स्थापित उपकरण स्वचालित रूप से टोल टैक्स जमा करते हैं। इससे ड्राइवरों का समय बचता है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में FASTag के माध्यम से देश में 537 टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूला जा रहा है।

स्कैनिंग समस्या: नियम के अनुसार, यदि किसी टोल पर स्कैनर में कोई खराबी है और FASTag को ठीक से स्कैन नहीं किया जा सकता है, तो इसके लिए ड्राइवर जिम्मेदार नहीं होगा। इस स्थिति में चालक को कोई पैसा नहीं देना होगा और वह मुफ्त में टोल पास कर सकेगा। इसके लिए एक बोर्ड को भी टोल पर लगाने को कहा गया है, ताकि जागरूकता फैलाई जा सके।


सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जिस किसी को भी FASTag नहीं मिलता है, उसे दोगुना टोल चुकाना होगा। हालांकि, FASTag के बिना वाहनों के लिए टोल प्लाजा पर एक LAN होगा।

वैधता: FASTag की वैधता खरीद के 5 साल बाद तक है। आपको बस इस अवधि तक इसे रिचार्ज करना है। FASTag को नेटबैंकिंग, क्रेडिट / डेबिट कार्ड, UPI और अन्य तरीकों से भी रिचार्ज किया जा सकता है।

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